वही मशीनें, उसी शहर में बनी, 1960 से
मशीनों की यह श्रृंखला भारत में 1960 से, और मोहाली में 1972 से बन रही है। डिज़ाइन, ड्रॉइंग और पैटर्न यहीं हैं, हमारे संयंत्र में, किसी दूसरे महाद्वीप की अलमारी में नहीं। इसीलिए हम आज भी उस मशीन का पुर्ज़ा बना सकते हैं जो उसे चलाने वाले ज़्यादातर लोगों से पुरानी है।